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सपा दंगल: पुत्र अखिलेश की हठ के आगे क्यों झुके पिता मुलायम सिंह?

लखनऊ। यूपी के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है, ऐसे में सपा का जहां पूरा फोकस चुनावों पर होना चाहिए वहां वो अपने पारिवारिक झगड़ों में उलझी हुई है, मुलायम बनाम अखिलेश गुटों में बंटी समाजवादी पार्टी में अभी भी बहुत कुछ ऐसा है जिसे सुलझाया नहीं गया है, हालांकि बाप-बेटे के झगड़े को निपटाने का जिम्मा मुलायम के करीबी और अखिलेश को अपना बेटा कहने वाले आजम खां ने उठाया है।

news 18 की खबर के मुताबिक मुलायम सिंह ने अखिलेश यादव की सारी शर्ते मान ली है, जिसके मुताबिक अमर सिंह पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा जल्दी ही दे देंगे औरशिवपाल यादव भी यूपी अध्यक्ष पद की कुर्सी को छोड़ने वाले हैं और तमाम गिले शिकवे मिटाकर अब दोनों गुट चुनावी दंगल लड़ने की तैयारी करेंगे।

यही नहीं बल्कि मुलायम ने अखिलेश को टिकट बांटने का अधिकार भी दे दिया है।

क्यों झुके मुलायम?

सपा परिवार का झगड़ा चौराहे पर आ चुका है, ऐसे में अब ऐसा क्या हुआ कि मुलायम ने अखिलेश की सारी बातें मान ली, ये एक बड़ा सवाल है। कहा जा रहा है कि मुलायम इस वक्त केवल पार्टी में ही नहीं बल्कि परिवार में भी बिल्कुल अलग-थलग पड़ गए हैं। सबसे बड़ा होने के नाते मुलायम को भले ही उन्हें पार्टी और परिवार में ‘मुखिया’ कहा जाता हो लेकिन वास्तविकता ये है कि इस मुखिया की कोई सुन नहीं रहा। पार्टी और परिवार के ज्यादातर सदस्यों का समर्थन अखिलेश के साथ है। लिहाजा पार्टी के साथ-साथ परिवार में भी बिखराव रोकने के लिए मुलायम को न सिर्फ बेटे के आगे झुकने को मजबूर होना पड़ा बल्कि उन्होंने शिवपाल को भी इसके लिए तैयार कर लिया है।

मुलायम का ‘टीपू’ अब बड़ा हो गया है

अखिलेश के बढ़ते कद और ताकत को देखते हुए मुलायम सिंह ने हथियार डाल दिया है, ऐसी बातें तब होने लगी जब अखिलेश के निर्देश पर गुरूवार को आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर और मिर्जापुर के बर्खास्त सपा जिलाध्यक्षों को ‘बहाल’ कर दिया गया। भले ही पार्टी के अंदर कलह चल रही है लेकिन अखिलेश अपने अधिकारों का बखूबी प्रयोग कर रहे हैं और लगातार ऐसे निर्देश दे रहे हैं जो ये साबित करता है कि अब वो ही पार्टी के मुखिया हैं, मुलायम का बेटा ‘टीपू’ अब बड़ा हो गया है और अपने फैसले खुद ले सकता है।

source: hindi.oneindia.com

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