प्रेग्नेंसी में कैल्शियम की कमी बन सकती है मुसीबत का सबब, जानें इससे कैसे बचें

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Pregnancy Calcium Deficiency: प्रेगनेंसी एक बेहद खूबसूरत लेकिन चुनौतियों से भरा पल होता है. इस समय मां बनने जा रही महिला को अपने और अपने बच्चे दोनों की सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है. शरीर में न्यूट्रिएंट्स की कमी न हो, इसके लिए सही डाइट लेना बहुत जरूरी है. कई तरह के पोषक तत्व बहुत ही जरूरी होते हैं. इनमें से एक कैल्शियम भी है, जो न सिर्फ हड्डियों, बल्कि मांसपेशियों, दांतों और नर्व सिस्टम के लिए भी बहुत जरूरी होता है.

अगर प्रेगनेंसी में कैल्शियम (Calcium) की कमी हो जाए, तो इसका असर मां और बच्चे दोनों की सेहत पर पड़ सकता है.  इसलिए जरूरी है कि आप इसके लक्षणों को वक्त रहते पहचानें और नजरअंदाज न करें. आइए जानते हैं  कैल्शियम की कमी के क्या संकेत हैं और इसे कैसे पूरा कर सकते हैं.

प्रेगनेंसी में कैल्शियम क्यों जरूरी

बच्चे की हड्डियों और दांतों की ग्रोथ के लिए

मां की हड्डियों को मजबूत रखने के लिए

हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद

कैल्शियम की कमी के लक्षण 

1. पैरों में अकड़न या मरोड़ (cramps), रात को सोते समय पैरों में खिंचाव होना एक आम संकेत है.

2. बार-बार दांतों में दर्द या मसूड़ों की कमजोरी.

3. जोड़ों में दर्द या शरीर भारी लगना 

4. थकान और कमजोरी

5. मूड स्विंग्स और डिप्रेशन

इस कमी को पूरा करने के लिए क्या करें

दूध और दूध से बनी चीजें जैसे दही, पनीर खाएं.

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी डाइट में शामिल  करें.

ड्राई फ्रूट्स बादाम, अंजीर, किशमिश रोज खाएं.

कैल्शियम सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह से ले सकती हैं.

धूप जरूर लें, ताकि शरीर में विटामिन D बने और कैल्शियम सही तरीके से अब्सॉर्ब हो सके.

कब जाएं डॉक्टर के पास

अगर प्रेगनेंसी के दौरान कैल्शियम की कमी होने के संकेत शरीर में लगातार बने रहें या और ज्यादा बढ़ जाएं, तो बिना देर किए तत्काल डॉक्टर के पास जाना चाहिए. प्रेगनेंसी (Pregnancy) में खुद से दवाएं लेना ठीक नहीं होता है. इससे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

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